महिलाओं व युवतियों ने जमकर खरीदी राखियाँ

भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव)- रक्षाबन्धन एक त्यौहार ही नहीं, अपितु यह एक वचन है। जिसका बखूबी निर्वाहन करने के लिए हर भाई अपनी बहिन के प्रति और हर बहिन अपने भाई के प्रति दृंढ संकल्पित होती है। भाई-बहिन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबन्धन आते ही बाजार में महिलाओं-युवतियों की टोली राखी व श्रंृगार का सामान खरीदने के लिए नजर आने लगीं। अपने भाईयों को रक्षासूत्र बाँधने के लिए महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की मनमोहक राखियों की जमकर खरीददारी की। वहीं बच्चों के लिए खेल-खिलौने, रंगीन लाइटिंग, टैडीबियर, मिक्की माउस वाली राखियाँ प्रमुख आकर्षण का केन्द्र रहीं।

झमाझम बारिश के उपरान्त जैसे ही बूँदा-बांदी की गति धीमी हुई। वैसे ही महिलाओं व युवतियां अपने-अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बाँधने के लिए राखी लेने बाजार में निकल पडीं। कस्बा के प्रमुख बाजार सब्जी मण्डी, बजाजा लाइन, आजाद रोड, जवाहर रोड, तिलक रोड, बालूगंज आदि स्थानों पर रंग-बिरंगे मोतियों से जडी राखी की दुकानें बाजार की रौनक बढा रही थीं। जिन पर पूरे दिन महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। वहीं दुकानदारों शिवकुमार, संजू कुमार, लला वाथम, संजीव कुमार, अरविन्द शाक्य ने बताया कि उनके पास 5 रू0 से लेकर अधिकतम 350 रू0 तक की राखियाँ हैं, जो आकर्षक मोतियों, चन्दन व अन्य चमकीली चीजों से जडित हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांशतः कलावा धागा में लगे मोती वाली राखी महिलाओं की प्रमुख पसन्द है, जो मजबूत के साथ-साथ कम बजट में उपलब्ध है। वहीं नन्हें-मुन्हें बच्चों को खेल-खिलौने, रंगीन लाइटिंग, टैडीबियर, मिक्की माउस वाली राखियाँ उनके मन को मोहित कर रही हैं। फोटो- बाजार में राखी खरीदतीं महिलायें।

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