लाभार्थीपरक येाजनाओ में ऋण वितरण संतोषजनक नहीं – जिलाधिकारी

इटावा 24 अगस्त 18- एनआरएलएम के अन्र्तगत गठित स्वयं सहायता समूहो, मिड-डे-मील खाते न खुलवाने जाने, प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण येाजना,किसान फसल बीमा येाजना,प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की बैंको को प्रेषित पत्रावलियों को स्वीकृत कर ऋण वितरण न किये जाने पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. अत्यन्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लाभार्थीपरक येाजनाओ ंमें बैंकर्स द्वारा ऋण वितरण में न तो रूचि ली जा रही है और ना ही जिला कोआर्डिनेटर बैंकर्स की बैठक में उपस्थित रहते है, इससे असन्तुष्ट जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे0 ने समीक्षा में पाया कि ऋण वितरण में किसी भी येाजना में स्टेट बैंक की प्रगति सन्तोषजनक नहीं है और नाही बैकर्स द्वारा बैठक में प्रतिभाग किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने एलडीएम से जानकारी की तो उनके द्वारा अवगत कराया गया कि सभी बैंक शाखा प्रबन्धकों को बैठक की सूचना दी गयी है उनकी बात बैंकर्स द्वारा मानी नही जाती है। इससे असन्तुष्ट जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त को पत्र भेजे जाने के निर्देश दिये। अग्रणी जिला प्रबन्धक को बैंको से समन्वय स्थापित कर स्वयं सहायता समूहो,एमडीएम के खाते खुलवाये जाने के पूर्व में निर्देश दिये गये थे इसमें भी केाई प्रगति नहीं हुई। इस पर उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि कुपोषित बच्चों के साथ कोई घटना घटित होती है तो इसके लिए एलडीएम को जिम्मेदार माना जायेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि लगभग 05 माह व्यतीत हो चुके हैं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मुद्रा येाजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा येाजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजर कार्यक्रम जैसी महत्वपूर्ण येाजनाओ ंमें भी केाई रूचि नहीं ली जा रही है, केन्द्र /प्रदेश सरकार की मंशा है कि किसानो,गरीबो, दलितो, शोषितो,मजदूरों को सस्ती व्याज पर ऋण उपलब्ध हो परन्तु बैकर्स की हठधर्मिता के कारण गरीबो को लाभ नहीं मिल पा रहा है जबकि योजनायें गरीबो के कल्याण के लिए उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए संचालित हैं, बेैंको में महीनों पत्रावलियां लम्बित पड़ी रहती है कोई सुनवाई नहीं होती जब किसी के द्वारा पेैरवी की गयी तो उसमे कोई आपत्ति लगाकर वापस कर दी जाती है। अन्त में जब किसान /लाभार्थी बैंक के चक्कर लगाते लगाते थक जाता है और वह चुप बैठ जाता है। अन्तत्वोगत्वा वह साहूकारो से ऋण लेने को मजबूर हो जाता है। जिलाधिकारी स्पष्ट लहजे में एलडीएम/बैंकर्स को निर्देशित किया कि वह अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाये अन्यथा दण्ड के भागीदार होगें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पी0के0श्रीवास्तव, परियेाजना निदेशक डीआरडीए उमाकान्त त्रिपाठी, अग्रणी जिला प्रबन्धक,उप निदेशक कृषि ए.के.ंिसह,उपायुक्त उद्योग वी.क.ेपरिहार सहित बैंकर्स आदि उपस्थित रहे।

बचपन में कछुआ और खरगोश की कहानी पढी थी आज तक समझ नहीं आया की कछुए में इतना कॉन्फिडेंस आया कहा से, खैर मेरी ईमेल etawah.news@gmail.com पर आप ख़बरें व सुझाव भेज सकते अगर जरुरी लगे तो 9412182324, 7017070200 पर कॉल भी कर सकते है

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