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इटावा एक नजर

न्‍यूज का मतलब चारों दि‍शाओं की जानकारी होना। आम जनमानस तक जानकारि‍यां मीडि‍या के जरि‍ये ही पहुंचती आ रही हैं। प्रि‍न्‍ट मीडि‍या समाचार पत्रों के जरि‍ये और इलैक्‍टानि‍क मीडि‍या न्‍यूज चैनलों के माध्‍यम से आस- पास तथा दूर दराज घटि‍त होने वाली घटनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रही है, लेकि‍न बदलते दौर में इंटरनेट पत्रकारि‍ता का उदय भी हो चुका है। जनपद में इंटरनेट न्‍यूज पोर्टल के शुभारम्‍भ के साथ ही नेट मीडि‍या भी अस्‍ति‍त्‍व में आ गई है। न्‍यूज पोर्टल की इटावा लाइव बेवसाइट को गूगल पर सर्च करके लोग न सिर्फ ताजातरीन समाचारों को देख एंव पढ़ सकेगे बल्‍ि‍क जि‍ले के इति‍हास को भी जान सकेंगे। ऐसे में बात यदि‍ इटावा जनपद की पत्रकारि‍ता की करें तो प्रि‍न्‍ट मीडि‍या का इति‍हास करीब पांच दशक पुराना पड़ चुका है। बात इलैक्‍टानि‍क मीडि‍या की करें तो इसे भी अस्‍ि‍तत्‍व में आये हुये एक दशक हो चुके है। यूं तो जनपद की पत्रकारि‍ता हि‍न्‍दी तक ही सीमि‍त है और इटावा से प्रकाशि‍त होने वाले दैनि‍क, साप्‍ताहि‍क एंव पाक्षि‍क समाचार पत्र भी हि‍न्‍दी में ही प्रकाशि‍त होते आये हैं और हो भी रहे हैं। यह शायद कम ही लोग जानते होंगे की इटावा से संस्‍कृत में दैनि‍क ही नहीं बल्‍ि‍क साप्‍ताहि‍क समाचार पत्र का प्रकाशन भी कि‍या जा चुका है!

बात इटावा लाइव की करें तो इसके जरि‍ये न सि‍र्फ लोग ताजा जानकारि‍यां जान सकेगे बल्‍ि‍क उनके वि‍चारों को भी स्‍थान दि‍या जायेगा, जि‍ससे उनकी बात आम जनता तक ही नहीं बल्‍ि‍क शासन- प्रशासन तक पहुंच सके। बेवसाइट के जरि‍ये आम जनता से ऐसे लोगों को भी रूबरू कराया जायेगा जि‍न्‍होंने काम तो काफी सराहनीय भरे कि‍ये या कर रहें हैं लेकि‍न उसेका गुणगान नहीं करना चाहते, इनमें कुछ ऐसे भी लोग हैं जो गुमनामी भरी जि‍न्‍दगी जी रहे हैं। साथ ही कि‍सी न कि‍सी क्षेत्र मे उभरती रहीं प्रति‍भाओं से भी परि‍चि‍त कराया जायेगा। यही नहीं बेवसाइट पर ऐसे महानुभावों का भी स्‍वागत है जो जि‍ले के कि‍सी वि‍शेष क्षेत्र अथवा ऐसे व्‍यक्‍ि‍त वि‍शेष के बारे में जानकारी रखते हैं जो है तो इटावा से संबंधि‍त लेकि‍न देश या वि‍देश में अपनी कामयाबी के झण्‍डे गाड़ रहे है। बेवसाइट पर ऐसे व्‍यक्‍ि‍त या फि‍र जानकारी देने वाले व्‍यक्‍ि‍त का सचि‍त्र ब्‍यौरा प्रकाशि‍त कि‍या जायेगा। यही नहीं जि‍ले के जि‍न महानुभावों को राष्ट्रपति ‍ अथवा राज्‍यपाल पुरस्‍कार मि‍ल चुका है उनसे अपील भी करते हैं कि‍ वे पूरा ब्‍यौरा सचि‍त्र इटावा लाइव कार्यालय पर स्‍वयं आकर या फि‍र बेवससाइट पर उपलब्‍ध कराकर हमें सहयोग प्रदान करें।

यहां यह कहते हुये काफी हर्ष हो रहा है कि‍ कुछ महानुभावों ने जो शुरूआती सहयोग प्रदान कि‍या उनका हम तहे दि‍ल से स्‍वागत करते हुये इनका आभार व्‍यक्‍त करते हैं। इनके नाम लालाराम चतुर्वेदी,देवेश शास्‍त्री, दि‍नेश शाक्‍य, सोहम प्रकाश, ओम प्रकाश गुप्‍ता, सैनानी छैल बि‍हारी वर्मा,नरेश चन्‍द्र सवि‍ता, डी0 के0 पाण्‍डे,पी0एस0 राजपूत,प्रशांत कुमार दुवे एडवोकेट, यश प्रताप भदौरि‍या,संजय त्रि‍पाठी, अतुल चतुर्वेदी के नाम प्रमुख रूप से शामि‍ल हैं। साथ ही जि‍ला सूचना कार्यालय के भी आभारी हैं जि‍नके द्वारा उपलब्‍ध कराई गई पुस्‍तक के जरि‍ये और भी जानकारि‍यां हासि‍ल हो सकी।

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बचपन में कछुआ और खरगोश की कहानी पढी थी आज तक समझ नहीं आया की कछुए में इतना कॉन्फिडेंस आया कहा से, खैर मेरी ईमेल etawah.news@gmail.com पर आप ख़बरें व सुझाव भेज सकते अगर जरुरी लगे तो 9412182324, 7017070200 पर कॉल भी कर सकते है

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